Friday, 26 July 2013

साक्षरता नारे

1. पढिये, कभी भी, कहीं भी।
2. सब पढे़, सब बढ़े।
3. पंचायत यह करे सुनिशिचत, हर महिला हो जाये शिक्षित।
4. पढ़ी लिखी जब होगी माता, घर की बनेगी भाग्य विधाता।
5. शिक्षा है, अनमोल रतन,पढ़ने का सब करो जतन।
6. पढ़ेंगे और पढ़ायेंगे, उन्नत देश बनायेंगे।
7. जहां ज्ञान का दीप जलेगा, वहां अंधेरा नहीं रहेगा।
8. शिक्षा पाना हक है सबका यह सबको समझाओ, घर की बहू बेटियों को भी अब साक्षर करवाओ।
9. मूल्यवान है समय बहुत अब इसकी समझो कीमत, पढ़ लिख लोगे तब पाओगे, गांव शहर में इज्जत।
10. इल्म हासिल करना, हर औरत मर्द का फर्ज है।
11. एक महिला को शिक्षत करना, एक परिवार को शिक्षित करना है।
12. पढ़ी- लिखी लड़की, रोशनी है घर की।
13. पढ़ेंगे और पढ़ायेंगे, उन्नत देश बनायेंगे।
14. बेटी हो बेटा, दोनों को है पढ़ाना।
15. कोर्इ किसी से कम नहीं, दोनो को है आगे बढ़ाना।
16. बहुत हुआ अब चूल्हा चौका, लड़कियों को दो पढ़ने का मौका। 
17. जहाँ न हो साक्षरता का वास, कैसे हो उस देश का विकास।
18. प्यारी बेटी स्कूल को जाना, पढ़ना- लिखना, मान बढ़ाना।
19. बेटी का मान बढ़ाना है, हर हाल में उसे पढ़ाना है।
20. यदि अधिकार को पाना है, तो किताबों को हथियार बनाना।
21. हर महिला को शिक्षित बनाओ, परिवार में खुशहाली लाओ।
22. पढ़ना है मुझे पढ़ना है, हर दम आगे बढ़ना है।
23. जन- जन को अब ये समझाओ, नर और नारी सब को पढ़ाओ।
24. नारी को भी पढ़ना है, शान से आगे बढ़ना है।
25. किताबों से प्यार बढ़ाओ, ताकि पढ़ना भूल न जाओ।
26. किताबों को हथियार बनाओ, ज्ञान निरंतर पाते जाओ।
27. नर्इ किताब पुरानी हो, नित नइ कहानी हो, प्रेरक की यही बानी हो, शिक्षा बहता पानी हो।
28. जो अनपढ़ रह जाएगा, वह एक दिन पछताएगा।
29. जिसको आगे बढ़ना है पहले उसको पढ़ना है।
30. साक्षरता हमें जगाती है, शोषण से हमें बचाती है।
31. साक्षरता ही है श्रंगार हमारा ,वरना व्यर्थ है जीवन सारा। 
32. शिक्षा का धन सबसे न्यारा, कभी न हो इसका बटवारा। 
33. भूख गरीबी और अज्ञान, पढ़कर खत्म करे इन्सान।
34. नर- नारी की एक आवाज, पढ़ा लिखा हो जाए समाज।
35. इल्म का हासिल नूर करो, मजबूरी को दूर करो।
36. बापू का भी यह था कहना, अनपढ़ बनकर कभी ना रहना।
37. खुद पढ़ो औरों को पढ़ाओ, जो सोए हैं उन्हे जगाओ।
38. स्वयं पढ़ो औरों को पढ़ाओ, जीवन को खुशहाल बनाओ।
39. होगा तब ही राष्ट्र महान, पढ़ा लिखा हो हर इन्सान।
40. जाग उठे हैं नर और नारी, शिक्षित होने की है तैयारी।